वो किसी और से मिला होगा
दिल ये कहता है वाहिमा होगा
मेरे दिल में धमाल पड़ती है
लोग शक में कि आरिज़ा होगा
उस की यारो ख़बर ही ले आओ
कोई दरपेश मसअला होगा
पाँव टिकता नहीं ज़मीं पर क्यूँ
ग़ौर से देख आबला होगा
ख़ामुशी को जवाब मत समझो
ऐन मुमकिन न कुछ सुना होगा
तुम जिसे काएनात कहते हो
यार पानी का बुलबुला होगा
अब ख़ुदा को है फ़ैसला करना
वो तिरा होगा या मिरा होगा
जाओ दुनिया मैं कुछ नहीं कहता
रोज़-ए-महशर ही सामना होगा
ख़ामुशी को ज़बान कहते हैं
एक दिन इस का तर्जुमा होगा
कुछ फ़रिश्ते हैं सामने मेरे
अब तो हर हाल मा'रका होगा
तुम जिसे इश्क़ जान बैठे हो
उन का मुमकिन है मश्ग़ला होगा
लौह-ए-महफ़ूज़ पर जो लिक्खा है
उस से हट कर भी फ़ैसला होगा
सोच लो देख-भाल लो 'दानिश' इश्क़ होगा तो रतजगा होगा















