दिल लगाने नहीं पर दिल को दुखाने आ जा

ऐ मेरी जाँ तू मुझे फिर से सताने आ जा

तुझ में वो फ़न नहीं जो प्यार निभा पाएगा
बे-वफ़ा फिर भी तू नफ़रत ही निभाने आ जा

इश्क़ के दौर में कोशिश तू किया करता था
अब नया मेरा कोई ऐब बताने आ जा

तेरी तस्वीर से हुजरे को सजा रक्खा है
अपनी तस्वीर को हुजरे से हटाने आ जा

जिस्म से दम मेरा निकला है सभी ग़म सह कर
यार 'दानिश' के जनाज़े को उठाने आ जा

— Danish Balliavi

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Dard Shayari

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