निगाहों से वहशत किए जा रही हो
सनम तुम इशारत किए जा रही हो
तुम्हें लग रहा है दग़ाबाज़ हूँ मैं
तो फिर क्यूँ मुहब्बत किए जा रही हो
बिना सोचे समझे अचानक मेरी जान
रक़ीबों को रुख़्सत किए जा रही हो
बताओ वो क्या चीज़ है मेरे अंदर
जो पाने की हसरत किए जा रही हो
तुम अपने लबों को मेरे लब पे रख कर
लबों से शरारत किए जा रही हो
यूँ 'दानिश' को अपना बनाने की ख़ातिर
दिल-ओ-जाँ से मेहनत किए जा रही हो
— Danish Balliavi















