तुम्हारा नाम अपने क़ल्ब से इक दिन मिटा देंगे
बहुत मुश्किल है पर ये काम करके हम दिखा देंगे
हमेशा रात में रोते हैं पढ़ कर ख़त तुम्हारे हम
मुहब्बत के पुराने वो सभी ख़त हम जला देंगे
तुम्हारी ही फ़क़त तस्वीर से कमरे सजाए हैं
हम अपने कमरे से तस्वीर भी ऐ जाँ हटा देंगे
मरीज-ए-इश्क़ हैं हम तो दवा कोई बताओ या
बताओ कौन है वो लोग जो हमको दवा देंगे
उसे 'दानिश' अभी से भूल जाओ तुम नहीं तो फिर
तुम्हें हम ज़हर का भी जाम हाथों से पिला देंगे
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