अधूरी बात मेरी है
अभी तो रात मेरी है
तिरे आँखों में बादल है
मगर बरसात मेरी है
ज़मीं पे आ गिरा फिर से
यही औक़ात मेरी है
कफ़न में लिपटे जाएगी
अगर बारात मेरी है
जिसे दुल्हन मिलोगी तुम
उसे ख़ैरात मेरी है
— Deva morya 'Raahi'
अभी तो रात मेरी है
तिरे आँखों में बादल है
मगर बरसात मेरी है
ज़मीं पे आ गिरा फिर से
यही औक़ात मेरी है
कफ़न में लिपटे जाएगी
अगर बारात मेरी है
जिसे दुल्हन मिलोगी तुम
उसे ख़ैरात मेरी है
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