मिले तेरी मोहब्बत इतना क़ाबिल मैं नहीं जानाँ
मोहब्बत माँगनी पड़ जाए साइल मैं नहीं जानाँ
तुम्हारी डोली जिस के दर पे जाएगी है कोई और
तुम्हारे हाथों की मेहंदी में शामिल मैं नहीं जानाँ
अब आगे तो ख़ुदा जाने या फिर वो ना ख़ुदा लेकिन
तुम्हारी डूबती कश्ती का साहिल मैं नहीं जानाँ
— Jay kishan















