इश्क़ जो वालेहाना होता है
ख़ुद को ही आज़माना होता है
सिर्फ़ अल्फ़ाज़ ही नहीं होते
शे'र पूरा ज़माना होता है
कश्तियाँ और लोग लाते हैं
मैं ने दरिया बनाना होता है
लोग करते हैं इश्क़ की बातें
मैं ने कर के दिखाना होता है
— Ejaz Tawakkal Khan
ख़ुद को ही आज़माना होता है
सिर्फ़ अल्फ़ाज़ ही नहीं होते
शे'र पूरा ज़माना होता है
कश्तियाँ और लोग लाते हैं
मैं ने दरिया बनाना होता है
लोग करते हैं इश्क़ की बातें
मैं ने कर के दिखाना होता है
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