ये इनसे मिलती है मुब्तिला नइँ
हवा दरख़्तों की दास्ताँ नइँ
वफ़ा का सुन कर मलाल मत कर
ये पेशकश है मुतालबा नइँ
यक़ीन से इश्क़ हो रहा है
किसी को फ़ितरी मुग़ालता नइँ
फ़सुर्दा लोगों पे हँसने वालों
ये बदतमीज़ी की इंतिहा नइँ
मेरी तो आँखें भी बोलती है
सुख़नवरी मेरा मसअला नइँ
मुझे बहुत देखती है दुनिया
मगर मैं दुनिया को देखता नइँ
— Ejaz Tawakkal Khan















