सहराओं ने माँगा पानी
दरियाओं पर बरसा पानी
बुनियादें कमज़ोर नहीं थीं
दीवारों से आया पानी
आख़िर किस किस नीम की जड़ में
कब तक डालें मीठा पानी
छत का हाल बता देता है
परनाले से गिरता पानी
फ़िक्र-ओ-मसाइल याद-ए-जानाँ
गर्म हवाएँ ठंडा पानी
प्यासे बच्चे खेल रहे हैं
मछली मछली कितना पानी
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Fahmi Badayuni
our suggestion based on Fahmi Badayuni
As you were reading Paani Shayari Shayari