tum bilkul ham jaise nikle | तुम बिल्कुल हम जैसे निकले

  - Fahmida Riaz
तुमबिल्कुलहमजैसेनिकले
अबतककहाँछुपेथेभाई
वोमूरखतावोघामड़-पन
जिसमेंहमनेसदीगँवाई
आख़िरपहुँचीद्वारतुहारे
अरेबधाईबहुतबधाई
प्रीतधर्मकानाचरहाहै
क़ाएमहिन्दूराजकरोगे
सारेउल्टेकाजकरोगे
अपनाचमनताराजकरोगे
तुमभीबैठेकरोगेसोचा
पूरीहैवैसीतय्यारी
कौनहैहिन्दूकौननहींहै
तुमभीकरोगेफ़तवाजारी
होगाकठिनयहाँभीजीना
दाँतोंजाएगापसीना
जैसी-तैसीकटाकरेगी
यहाँभीसबकीसाँसघुटेगी
भाड़मेंजाएशिक्षा-विक्षा
अबजाहिल-पनकेगनगाना
आगेगढ़ाहैयेमतदेखो
वापसलाओगयाज़माना
मश्क़करोतुमजाएगा
उल्टेपाँवचलतेजाना
ध्यानदूजामनमेंआए
बसपीछेहीनज़रजमाना
एकजापसाकरतेजाओ
बारम-बारयहीदोहराओ
कैसावीरमहानथाभारत
कितनाआली-शानथाभारत
फिरतुमलोगपहुँचजाओगे
बसपरलोकपहुँचजाओगे
हमतोहैंपहलेसेवहाँपर
तुमभीसमयनिकालतेरहना
अबजिसनर्कमेंजाओवहाँसे
चिट्ठी-विट्ठीडालतेरहना
  - Fahmida Riaz
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