वोजितनेदूरहैंउतनेहीमेरेपासभीहैं
येऔरबातहैख़ुशहैंमगरउदासभीहैं
येदेखनाहैहमेंकिसकाज़ौक़कैसाहै
यहाँशराबभीहैज़हरकेगिलासभीहैं
उन्हींपेतोहमत-ए-दीवानगीलगातेहो
जोइत्तिफ़ाक़सेमहफ़िलमेंरू-शनासभीहैं
जोरौशनीकेलिबादेकोओढ़करआए
शब-ए-सियाहकेवोमातमीलिबासभीहैं
तुमअपनेशहरमेंअम्न-ओ-अमाँकीबातकरो
जहाँसुकूँहैवहाँलोगबद-हवासेभीहैं
ग़ज़लकेसाज़हैंफ़ैज़-उल-हसन-'ख़याल'जहाँ
वहाँपेआहब-लबभीहैंमहव-ए-यासभीहैं