gar dua bhi koi cheez hai to dua ke hawaale kiya | गर दुआ भी कोई चीज़ है तो दुआ के हवाले किया

  - Farhat Abbas Shah

गर दुआ भी कोई चीज़ है तो दुआ के हवाले किया
जा तुझे आज से हम ने अपने ख़ुदा के हवाले किया

एक मुद्दत हुई हम ने दुनिया की हर एक ज़िद छोड़ दी
एक मुद्दत हुई हम ने दिल को वफ़ा के हवाले किया

इस तरह हम ने तेरी मोहब्बत ज़माने के हाथों में दी
जिस तरह गुल ने ख़ुश्बू को बाद-ए-सबा के हवाले किया

बेबसी सी 'अजब ज़िंदगी में इक ऐसी भी आई कि जब
हम ने चुप-चाप हाथों को रस्म-ए-हिना के हवाले किया

ख़ून ने तेरी यादें सुलगती हुई रात को सौंप दीं
आँसुओं ने तिरा दर्द रूखी हवा के हवाले किया

  - Farhat Abbas Shah

Hawa Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Farhat Abbas Shah

As you were reading Shayari by Farhat Abbas Shah

Similar Writers

our suggestion based on Farhat Abbas Shah

Similar Moods

As you were reading Hawa Shayari Shayari