तुझ सेे दूर चला जाऊँगा
बन दस्तूर चला जाऊँगा
धीरे-धीरे पास बुलाओ
इक दम दूर चला जाऊँगा
हुस्न तुम्हारा मुझ से है सब
सोच लो हूर चला जाऊँगा
मैं अँधियारे में भटका हूँ
बन के नूर चला जाऊँगा
जाना तो इक दिन है ही यार
हूँ मजबूर चला जाऊँगा
— gabruu govind
बन दस्तूर चला जाऊँगा
धीरे-धीरे पास बुलाओ
इक दम दूर चला जाऊँगा
हुस्न तुम्हारा मुझ से है सब
सोच लो हूर चला जाऊँगा
मैं अँधियारे में भटका हूँ
बन के नूर चला जाऊँगा
जाना तो इक दिन है ही यार
हूँ मजबूर चला जाऊँगा
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