तुझ सेे दूर चला जाऊँगाबन दस्तूर चला जाऊँगाधीरे-धीरे पास बुलाओइक दम दूर चला जाऊँगाहुस्न तुम्हारा मुझ से है सबसोच लो हूर चला जाऊँगामैं अँधियारे में भटका हूँबन के नूर चला जाऊँगाजाना तो इक दिन है ही यारहूँ मजबूर चला जाऊँगा— gabruu govind