मुझे तुम्हें मिले से मिलने का ख़याल ठीक हैहै क्या कि क्या पता नहीं मगर मलाल ठीक हैफ़कत मैं क्यूँ ही चाहता हूँ तुम को और किस लिएहक़ीक़तें पता लगें तो फिर सवाल ठीक है— gabruu govind