नया किरदार जीवन में बनाने लग गया है
मुझे भ्रम है ख़ुदा साजिश रचाने लग गया है
किसी ने पास आ कर दिल पे दस्तक दी है मेरे
कोई चेहरा नज़र अब चाँद आने लग गया है
अलग है आजकल कुछ तो फ़ज़ाएँ ख़ुशनुमा हैं
समय भी आजकल नज़रें चुराने लग गया है
बताऊँ राज़ कैसे मेरे सारे दोस्तों को
वो कहते हैं अकेले मुस्कुराने लग गया है
— Gaurav Kumar Aarambh















