ऐदिलख़ुशीकाज़िक्रभीकरनेनदेमुझे
ग़मकीबुलंदियोंसेउतरनेनदेमुझे
घरहीउजड़गयाहोतोलुत्फ़-ए-क़यामक्या
ऐगर्दिश-ए-मुदामठहरनेनदेमुझे
मक़्सदयेहैसुकूँकिसीसूरतनहोनसीब
ऐचारासाज़बातभीकरनेनदेमुझे
चेहरेपेखालतकभीनछोड़ेंगेबद-निगाह
ऐमेरेख़ैर-ख़्वाहसँवरनेनदेमुझे
हैदेखनेकीचीज़जोबिस्मिलकारक़्सभी
दुनियायेचाहतीहैकिमरनेनदेमुझे
येदौरसंग-दिलहीनहींतंग-दिलभीहै
गरबसचलेतोआहभीकरनेनदेमुझे
अबभीयेहौसलाहैकिकुछकामआसुकूँ
मैंटूटतोगयाहूँबिखरनेनदेमुझे