मुख़लिस रहे सख़ी भी रहे मोतबर रहेहर शख़्स की नज़र में मगर मुख़्तसर रहेउस ने बस एक बार में दीवाना कर दियाहम लाख कोशिशों के इवज़ बे-असर रहे— Hameed Sarwar Bahraichi