देख लेना तुझ को पक्का छोड़ देगा
पेड़ खाना ले के पत्ता छोड़ देगा
तुम समझते हो वो आँखें देखता है
देख कर ख़ुद को वो शीशा छोड़ देगा
हिचकिचाओ मत उसे साथी बनाओ
तेरी ख़ातिर जो ज़माना छोड़ देगा
अब हर इक चीज़ों पे मत टोको उसे तुम
वरना वो सब सच बताना छोड़ देगा
— Harsh Raj















