उसे फिर याद करने में लगे हो
समय बर्बाद करने में लगे हो
ख़ुदा सुनते नहीं हैं आज कल के,
कहाँ फरियाद करने में लगे हो
उदासी रख के तुम अपने लबों पर,
गुलों को शाद करने में लगे हो
तुम्हारी ही कहानी कह रहा हूँ,
तुम्हीं इरशाद करने में लगे हो
वही बर्बाद कर देगा तुम्हें "सोम",
जिसे आबाद करने में लगे हो
— Himanshu Upadhyay Som















