"सवाल"
मोहब्बत आश्ना लम्हे
छुपाए इक अजब सा
कर्ब लहजे में
मुझी से पूछते हैं ये
अगर हर ख़्वाब की क़िस्मत में
मर जाना ही लिक्खा है
तो आँखें देखती क्यूँ हैं
— Humaira Rahat
मोहब्बत आश्ना लम्हे
छुपाए इक अजब सा
कर्ब लहजे में
मुझी से पूछते हैं ये
अगर हर ख़्वाब की क़िस्मत में
मर जाना ही लिक्खा है
तो आँखें देखती क्यूँ हैं
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