इस से पहले कि कुछ बुरा कह दूँ

क्यूँ न तुझ को मैं अलविदा कह दूँ

मेरी माशूक़ को दुआ देना
शे'र मैं भी अगर बड़ा कह दूँ

जिस ज़माने को जानता हूँ मैं
क्यूँ उसे दूध का धुला कह दूँ

वक़्त इतने भी ग़म न दे मुझ को
साँस लेने को मैं सज़ा कह दूँ

दर्द-ए-दिल मेरा मुझ से कहता है
दर्द-ए-दिल की तुझे दवा कह दूँ

लोग जब पूछते हैं तेरा नाम
दिल में आता है दिलरुबा कह दूँ

— SAAGAR SINGH RAJPUT

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