ye ishq teri jaañ lega ek din | ये इश्क़ तेरी जान लेगा एक दिन

  - SAAGAR SINGH RAJPUT
येइश्क़तेरीजानलेगाएकदिन
तूइश्क़मेंहीजानदेगाएकदिन
मैंआजतुझसेेकहरहाहूँजानये
तूप्यारमेंमेरेजलेगाएकदिन
तूबे-वफ़ाथाबे-वफ़ाहैइसलिए
तूबे-वफ़ाख़ुदकोकहेगाएकदिन
जिसजिस्ममेंहैनाज़तुझकोजाँमिरी
वोजिस्मतेराभीढलेगाएकदिन
मैंयादतुझकोकररहाहूँहरसमय
तूयादमुझकोभीकरेगाएकदिन
गरदिलदुखाओगेकिसीकायारतुम
तोदिलतुम्हाराभीदुखेगाएकदिन
तूज्ञानमुझकोदेरहाहैइश्क़का
बेयारतेराभीकटेगाएकदिन
कोईमिरीसुनतानहींहैआजपर
हरशख़्समेरीहीसुनेगाएकदिन
तुमआजमुझपरफेंकलोकीचड़सभी
येफूलउसपरहीखिलेगाएकदिन
दिलकीबताईराहपरमतयारचल
वरनाकहींपरजागिरेगाएकदिन
जोहरकिसीकोदर्दहीदेतारहा
उसकोसुकूँकैसेमिलेगाएकदिन
जोभीअकड़करचलरहाहैसामने
वोवक़्तकेआगेझुकेगाएकदिन
सबकीनज़रमेंआजजोबेकारहै
सबकोज़रूरीवोलगेगाएकदिन
गरमिलगयाउसकोसमयकासाथतो
वोशख़्सभीगिरकरउठेगाएकदिन
जिसशख़्सकीक़ीमतनहींहैआजकुछ
वोक़ीमतीसबसेबनेगाएकदिन
जोहँसरहेहैंलोग'सागर'परअभी
उनपरज़मानाभीहँसेगाएकदिन
  - SAAGAR SINGH RAJPUT
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy

More by SAAGAR SINGH RAJPUT

As you were reading Shayari by SAAGAR SINGH RAJPUT

Similar Writers

our suggestion based on SAAGAR SINGH RAJPUT

Similar Moods

As you were reading undefined Shayari