ye mujh se poochte hain chaaragar kyun | ये मुझ से पूछते हैं चारागर क्यूँँ

  - Javed Akhtar

ये मुझ से पूछते हैं चारागर क्यूँँ
कि तू ज़िंदा तो है अब तक मगर क्यूँँ

जो रस्ता छोड़ के मैं जा रहा हूँ
उसी रस्ते पे जाती है नज़र क्यूँँ

थकन से चूर पास आया था उस के
गिरा सोते में मुझ पर ये शजर क्यूँँ

सुनाएँगे कभी फ़ुर्सत में तुम को
कि हम बरसों रहे हैं दर-ब-दर क्यूँँ

यहाँ भी सब हैं बेगाना ही मुझ से
कहूँ मैं क्या कि याद आया है घर क्यूँँ

मैं ख़ुश रहता अगर समझा न होता
ये दुनिया है तो मैं हूँ दीदा-वर क्यूँँ

  - Javed Akhtar

Khushi Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Javed Akhtar

As you were reading Shayari by Javed Akhtar

Similar Writers

our suggestion based on Javed Akhtar

Similar Moods

As you were reading Khushi Shayari Shayari