किनारे पे ला कर डुबाना ग़लत है
किसी के भी दिल को दुखाना ग़लत है
सुना है सभी से मुहब्बत है उसको
अगर ये सही है दिवाना ग़लत है
सब इमदाद देकर खिंचाते हैं फ़ोटो
यूँँॅं एहसान अपने जताना ग़लत है
बस इक लड़की से जिसने खाया है धोखा
वो कहता है सारा ज़माना ग़लत है
यूँँॅं परखे बिना तुम न कहना किसी से
फ़लाना गलत है फ़लाना ग़लत है
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by 'June' Sahab Barelvi
our suggestion based on 'June' Sahab Barelvi
As you were reading Aurat Shayari Shayari