सारी दुनिया में ला-जवाब बनो
इंतिख़ाबों का इंतिख़ाब बनो
अम्न-ओ-इंसानियत की आब बनो
ऐ गुलिस्तान-ए-हिन्द के बच्चो
मुस्कुराते हुए गुलाब बनो
तुम हो हिन्दोस्ताँ के मुस्तक़बिल
तुम से रौशन हो जादा-ए-मंज़िल
आरज़ूओं के माहताब बनो
ऐ गुलिस्तान-ए-हिन्द के बच्चो
मुस्कुराते हुए गुलाब बनो
कामयाबी की शाह-राहों में
मादर-ए-हिन्द की निगाहों में
जगमगाते हसीन ख़्वाब बनो
ऐ गुलिस्तान-ए-हिन्द के बच्चो
मुस्कुराते हुए गुलाब बनो
दूर दुनिया से तीरगी कर दो
सारे आलम में रौशनी कर दो
इल्म-ओ-हिकमत के आफ़्ताब बनो
ऐ गुलिस्तान-ए-हिन्द के बच्चो
मुस्कुराते हुए गुलाब बनो
तुम से दुनिया में शांति फैले
मुर्दा क़ौमों में ज़िंदगी फैले
अपने मक़्सद में कामयाब बनो
ऐ गुलिस्तान-ए-हिंद के बच्चो
मुस्कुराते हुए गुलाब बनो















