मुझ को भी अपनी आँख में भर के दिखाओ ना
आसान हैं जो इश्क़ तो कर के दिखाओ ना
कैसे यक़ीं करूँ मैं कि तुझ को भी इश्क़ है
गर इश्क़ है तो हद से गुज़र के दिखाओ ना
वो ख़ूब जानती है हुनर दिल में रहने का
है दम तो मेरे दिल में उतर के दिखाओ ना
कहती थी मर ही जाना है तुम से बिछड़ के तो
लो हो गए अलग ज़रा मर के दिखाओ ना
— "Nadeem khan' Kaavish"















