
वो जब भी याद आया तो मुसलसल याद आया फिर
अचानक ग़म-ज़दा कर के मुझे बेहद रुलाया फिर
पुराने घर की सारी यादों को तस्वीर में बाँधा
जलाया दिल मेरा और याद से ताला लगाया फिर
— "Nadeem khan' Kaavish"
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