हाँ रक़ाबत है कि जाँ-सोज़ दुआ करता हूँ
इश्क़ मरने दे मुझे रोज़ दुआ करता हूँ
आप कहते हो मैं लब-दोज़ दुआ करता हूँ
मैं तो काफ़िर हूँ जो दो-रोज़ दुआ करता हूँ
हार जाता है लहू रंग मिरा अश्कों से
हो के नम-नाक जिगर-दोज़ दुआ करता हूँ
— Karal 'Maahi'
इश्क़ मरने दे मुझे रोज़ दुआ करता हूँ
आप कहते हो मैं लब-दोज़ दुआ करता हूँ
मैं तो काफ़िर हूँ जो दो-रोज़ दुआ करता हूँ
हार जाता है लहू रंग मिरा अश्कों से
हो के नम-नाक जिगर-दोज़ दुआ करता हूँ
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