जिन को न शा'इरी से शग़फ़ है न राब्ताहै कौन इस जहाँ में भला उन सा बदनसीबजब जब मुझे लगी मैं लगा और काम मेंहोगा कोई जहाँ में मिरी धुन सा बदनसीब— Karal 'Maahi'