हाल-ए-दिल सुनते रहे हम तुम को अपना मान करप्यासे राही को ख़बर थी तिश्नगी क्या चीज़ हैख़्वाब महलों के न देखे उन की आँखों में कभीउन की बातों ने बताया सादगी क्या चीज़ है— Kartik Bhalerao " Asad "