उसी के नाम से हर काम का आग़ाज़ करता हूँ

जबीं है ख़ाक पर सो अर्श तक परवाज़ करता हूँ

मेरे दुश्मन भी मेरी इस अदा पर दाद देते हैं
मैं इस अंदाज़ से उन को नज़र अंदाज़ करता हूँ

मुझे इक राज़ से पर्दा उठाना जब भी होता है
किसी को राज़दारी से शरीक-ए-राज़ करता हूँ

— Kashif Sayyed

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