
उस ने अपनी आँखों के मय-ख़ाने लगा दिए
फिर उस महफ़िल में सब लोग ठिकाने लगा दिए
मुझ बिन उदास रहते हो बस इतना कहना था
तुम ने कहने में ये बात ज़माने लगा दिए
— SAMEER TYAGI
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