तू भी टूटा है तो आ बैठ यहाँ
दास्ताँ अपनी सुना बैठ यहाँ
मुझ को भी जाना है घर जाएँगे
दास्ताँ सुन ले ज़रा बैठ यहाँ
ओ दिवाने तू भी लुट जाएगा
मान जा इश्क़ बुरा बैठ यहाँ
लुट गया है तो कोई बात नहीं
एक सिगरेट जला बैठ यहाँ
मौत कल आई थी मुझ को लेने
उस को भी मैं ने कहा बैठ यहाँ
— Rovej sheikh















