
जो लिखा दीवारों पे था नाम तेरा मिट रहा है
तू भी या'नी मेरे दिल से रफ़्ता-रफ़्ता मिट रहा है
रेत पे लिक्खा हुआ वो नाम मिट जाता है जैसे
वैसे ही तो मेरे दिल से तेरा चेहरा मिट रहा है
— Rovej sheikh
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