zindagi ko do pal men guzar jaana hai | ज़िन्दगी को दो पल में गुज़र जाना है

  - Kinshu Sinha

ज़िन्दगी को दो पल में गुज़र जाना है
इक में जीना है तो इक में मर जाना है

तुम मुझे छोड़ जाओ या था
में रखो
एक क़तरे को आँखों में भर जाना है

ख़ून किसका जला है पता है मुझे
मैंने उस ख़ून को उम्र भर जाना है

हमको था जाना तुम तक हमेशा से ही
तुम बताओ कि तुमको किधर जाना है

मिलने से पहले ये साफ़ कर दो मुझे
देखना दिल है या शक़्ल पर जाना है

दोस्ती सीखते हो तो ये जान लो
दुश्मनी का भी हमने हुनर जाना है

सिर्फ़ तेरे निभाने से क्या होगा ‘किंशु’
सबने तो आख़िरी में मुकर जाना है

  - Kinshu Sinha

Nafrat Shayari

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