जब हम ने उन सेे ये कहा, हम क्या करें?
उस ने भी हम से कह दिया, हम क्या करें?
चूना लगाकर चल दिए आराम से
हम ने ही था उन को चुना, हम क्या करें?
जिन के भरोसे चल रहा था सब यहाँ
वो हो गए हैं लापता, हम क्या करें?
तुम कल चले जाना भले ही चाँद पे
पहले बताओ आज का हम क्या करें?
ये मत करो, वो मत करो, कहते सभी
ऐ ज़िंदगी तू तो बता, हम क्या करें?
— Krishnakant Kabk















