अबकी पढ़ना तो
अखबार पीछे से पढ़ना
शायद कुछ काम की चीज़
पढ़ने को मिल जाए
खेलों की दुनिया से
कोई ख़बर मिल जाए
मुख्य पृष्ठ तो डराने के लिए
ही छपता हो जैसे
दुनिया ही ख़त्म हो जाएगी
लगता हो जैसे
जो घटना है वो तो है घटना
जीवन कैसा हो हम को है चुनना
तो बस इतना ही करना
अबकी पढ़ना तो
अखबार पीछे से पढ़ना
— Kumar Rishi















