चारा-गर भी उस का क्या ईलाज करे जिस को ख़ाली तेरा नश्शा होता हैउस का तन ले जाए चाहे कोई भीमेरा रूह पे सीधा क़ब्ज़ा होता है— Kush Pandey ' Saarang '