ग़मों तुम क़ैद से अपनी मुझे आज़ाद मत करना
अगर में टूट जाऊँ तो कभी फ़रियाद मत करना
मिरा दुश्मन नहीं कोई मिरी क़िस्मत फ़रेबी है
दिलों को तोड़ने का काम मेरे बा'द मत करना
तड़प है इश्क़ की ऐसी यहाँ बचता नहीं कोई
मोहब्बत में किसी भी शख़्स को बर्बाद मत करना
उसे रब की क़सम जिस ने मिरे दिल को दुखाया है
अगर मैं मर गया तो भी मुझे तुम याद मत करना
— Manish watan















