रोकिए उनको ना जाने दीजिए
प्यार से अब मुस्कुराने दीजिए
इश्क़ को गहराई गर देना है तो
रूठिए और फिर मनाने दीजिए
रख दिए है बाम पे सारे दिए
ज़ोर आंधी को लगाने दीजिए
आप क्यूँँं झट से गले लग जाते है
पहले हमको आज़माने दीजिए
चाँद में होगा इज़ाफ़ ए रौशनी
उनको पर्दा तो उठाने दीजिए
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