ज़ख़्मों पे मेरे लम्स के मरहम निकाल देवरना तू जिस्म से मेरी ये दम निकाल देमेरे ख़ुदा की रहमतें बच्चे में देखिएवो चाह ले तो एड़ी से ज़मज़म निकाल दे— maqbul alam