haya se sar jhuka lena ada se muskuraa dena | हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना

  - Akbar Allahabadi

हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना
हसीनों को भी कितना सहल है बिजली गिरा देना

  - Akbar Allahabadi

Haya Shayari

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