इतना जल्दी न रखो यार बदन तय कर केहम ने देखा भी नहीं तुम को अभी जी भर केइक तो वो मोम बदन और लताफ़त से चूरहाथ भी उस को लगाया था मैं ने डर डर के— Moin Hasan