क़लमकीनोकपेरक्खूँगाइसजहानकोमैं
ज़मींलपेटकेरखदूँकिआसमानकोमैं
अज़ीज़जाँहोजिसेमुझसेवोगुरेज़करे
किआजआयाहुआहूँख़ुदअपनीजानकोमैं
हैमौजमौजमुख़ालिफ़मिरेसफ़ीनेकी
औरउसपेखोलनेवालाहूँबादबानकोमैं
फ़रेब-ए-ज़ातसेबाहरनिकलकेदेखमुझे
बतारहाहूँज़मानेकीआन-बानकोमैं
हमेशालफ़्ज़कीहुर्मतकापासरक्खाहै
बड़ाअज़ीज़हूँलफ़्ज़ोंकेख़ानदानकोमैं
अगरमैंचाहूँतो'मुमताज़'आसमाँमेंउड़ूँ
गुमाँयक़ीनकोदेदूँयक़ींगुमानकोमैं