दिल को तेरी यादों से ऊपर तक भर लेंगे
डूब चलेंगे इस
में फिर आख़िर में मर लेंगे
टैटू तेरे नाम का जो गर्दन पे गुदाया है
इस इक निशानी से तेरी अख़बार ख़बर लेंगे
तेरे दिल से निकले तो बेघर न फिरेंगे हम
तेरे घर के आगे ही तेरे नाम से घर लेंगे
प्यार मुहब्बत इश्क़ इबादत तुम्हें मुबारक हो
पेट भरे तो फ़ुर्सत में ये काम भी कर लेंगे
लोगों ने तेरे संग मेरा नाम उछाला है
मुझ को लगता है इक दिन ये मेरा सर लेंगे
— nakul kumar















