मिलना था जिसको प्यार वो लड़का नहीं था मैं
इतनी सी बात थी जिसे समझा नहीं था मैं
शबनम बता रही है कि रोया है आसमाँ
कल रात रोने वालों में तन्हा नहीं था मैं
ये कैसे सोच सकते हो लाऊॅंगा बीच से
वक़्फ़ा लिया था राह से भटका नहीं था मैं
जाने से तेरे मेरी ग़लतफ़हमी तो मिटी
दुनिया में तेरे था तेरी दुनिया नहीं था मैं
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Naved sahil
our suggestion based on Naved sahil
As you were reading Good night Shayari Shayari