दर्द हो मेरा और दवा भी हो
इश्क़ की ऐसी इक दुआ भी हो
यूँ तरस जाए पाने को कोई
एक ऐसी तो बद-दुआ भी हो
साँस जो आए पहलू में मुझ को
पास भी हो तो फ़ासला भी हो
एक हसरत हो यूँ ही आँखों को
दिल को तो कुछ न कुछ हुआ भी हो
हार जाए वो सारी दौलत यूँ
ज़िंदगी का कोई जुआ भी हो
— Naviii dar b dar















