मुहब्बत को यूँँ आज़माने से पहले
अदावत भी होगी ज़माने से पहले
ये दिल भी अभी कितने ही टूटेंगे यूँ
ये रिश्ता है नाज़ुक निभाने से पहले
किसी की कहानी रहेगी सलामत
कोई होगा तन्हा भुलाने से पहले
जहाँ तक नज़र जाएगी इस जहाँ में
सितमगर भी होंगे ज़माने से पहले
कभी कोशिशें लाख होंगी मुयस्सर
है नाज़ुक ये दिल टूट जाने से पहले
— Naviii dar b dar















