यूँँ तो ज़माने में अच्छी भी तर्बियत रखते हैं कुछरौशन हो के भी अंधेरे की अहमियत रखते हैं कुछहैं जानते क़द्र इंसा की दिल से होती यहाँ परबस इस लिए अब भी दिल में इंसानियत रखते हैं कुछ— Naviii dar b dar