
ग़ज़ब उगला है उस ने ज़हर फिर इंसानियत कह कर
बहुत हैरान हूँ मैं उस की इस फिरक़ा-परस्ती से
कई हिस्सों में अब उस मुल्क के कहने लगे हैं लोग
हुए बर्बाद हैं हम ख़ुद की इस फ़िरक़ा-परस्ती से
— Nityanand Vajpayee
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